
*पॉक्सो पीड़ितों को संवेदनशील एवं समयबद्ध न्याय दिलाने में सपोर्ट पर्सनों की भूमिका निर्णायक : प्रवीण शर्मा*
खंडवा//
पॉक्सो अधिनियम के तहत पीड़ित बच्चों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान प्रभावी सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, खंडवा द्वारा सपोर्ट पर्सनों की मासिक समीक्षा बैठक एवं रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सपोर्ट पर्सनों की भूमिका, दायित्वों एवं प्रकरणों के प्रभावी फॉलोअप पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी रत्ना शर्मा ने कहा कि सपोर्ट पर्सन पीड़ित बच्चों के अधिकारों की रक्षा, मनोसामाजिक सहयोग तथा पुनर्वास की प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने सभी सपोर्ट पर्सनों से संवेदनशीलता, गोपनीयता एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि पॉक्सो पीड़ित बच्चों को संवेदनशील एवं समयबद्ध न्याय दिलाने में सपोर्ट पर्सनों की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में नियमित फॉलोअप, परिवार से सतत संवाद, न्यायालयीन प्रक्रिया में सहयोग तथा पुनर्वास योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना सपोर्ट पर्सनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
रिफ्रेशर प्रशिक्षण में पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम तथा मिशन वात्सल्य के प्रावधानों के अनुरूप केस मैनेजमेंट, दस्तावेजीकरण, पीड़ित प्रतिकर योजना, पुनर्वास एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही लंबित एवं विचाराधीन पॉक्सो प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन एवं कविता पटेल ने जिले के पॉक्सो प्रकरणों की प्रकरणवार जानकारी साझा करते हुए सपोर्ट पर्सनों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम के दौरान गुरुपूर्णिमा महोत्सव में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले सपोर्ट पर्सनों का मुख्य अतिथि रत्ना शर्मा ने पुष्पहार पहनाकर सम्मान किया। इस दौरान विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी सुनीता जोसफ, बाल संरक्षण अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह मंडलोई, धर्मेंद्र चौहान एवं संतोष उपाध्याय उपस्थित रहे। बैठक में सभी सपोर्ट पर्सनों ने प्रत्येक पॉक्सो पीड़ित बच्चे को संवेदनशील सहयोग, समयबद्ध न्याय तथा प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।













